वार्ड क्रमांक 04 में लोकार्पण के शिलालेख पर आपत्ति — भाजपा पार्षद प्रियंका साहनी ने नगर पालिका को सौंपी लिखित शिकायत, जांच की मांग तेज

रायगढ़: शशि सिदार कि खास रिपोर्ट

रायगढ़। नगर पंचायत किरोड़ीमल नगर में एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। वार्ड क्रमांक 04 में हाल ही में निर्मित सांस्कृतिक मंच एवं सामुदायिक भवन के लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा पार्षद प्रियंका साहनी ने इस निर्माण कार्य के शिलालेख (Foundation Stone Plaque) पर अंकित नामों को असंवैधानिक और नियमविरुद्ध बताते हुए नगर पालिका प्रशासन को लिखित शिकायत पत्र सौंपा है। पार्षद प्रियंका साहनी ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि वार्ड क्रमांक 04 में निर्मित सांस्कृतिक मंच एवं सामुदायिक भवन का लोकार्पण बिना उनकी जानकारी और सहमति के किया गया। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण कार्य वार्ड के अंतर्गत आते हुए भी उसके शिलालेख पर अधिकारियों एवं कुछ व्यक्तियों के नाम मनमाने ढंग से दर्ज किए गए हैं, जो न तो प्रशासनिक दृष्टि से उचित हैं, और न ही संवैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप।

प्रियंका साहनी ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी से इस मामले में तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि यदि इस विषय में उचित कदम नहीं उठाया गया, तो वे उच्च अधिकारियों के समक्ष यह मामला उठाने के लिए बाध्य होंगी।

शिलालेख पर दर्ज नाम असंवैधानिक — जांच जरूरी

पत्र में पार्षद साहनी ने लिखा है —

वार्ड क्रमांक 04 में जो सांस्कृतिक मंच व सामुदायिक भवन का निर्माण हुआ है, उसके लोकार्पण हेतु जो शिलालेख लगाया गया है, वह असंवैधानिक है। अतः इस पर तत्काल उचित कार्रवाई की जाए, अन्यथा हम उच्च अधिकारियों तक मामला पहुंचाने को बाध्य होंगे।

नगर में चर्चा का विषय बना मामला

इस शिकायत पत्र के सार्वजनिक होने के बाद नगर पंचायत क्षेत्र में इस विषय को लेकर चर्चा का दौर शुरू हो गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि विकास कार्य जनता के हित में होना चाहिए, लेकिन उसकी आड़ में राजनीतिक या व्यक्तिगत लाभ के लिए नाम जोड़ना या हटाना सही नहीं है। कई नागरिकों ने पार्षद के कदम का समर्थन करते हुए कहा कि यदि शिलालेख पर दर्ज नामों में कोई अनियमितता है तो प्रशासन को जांच कर सच्चाई उजागर करनी चाहिए।

यह पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में कदम

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, भाजपा पार्षद प्रियंका साहनी का यह कदम नगर निकायों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक सशक्त पहल है। उनके इस पत्र से यह संदेश गया है कि वार्ड स्तर पर निर्वाचित प्रतिनिधियों की सहमति और जानकारी के बिना किसी भी सरकारी या सामुदायिक भवन का लोकार्पण या शिलालेख निर्धारण नहीं किया जा सकता।

नगरपालिका की भूमिका पर भी उठे सवाल

इस पूरे प्रकरण में नगर पालिका की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ स्थानीय नेताओं और अधिकारियों ने बिना पार्षद को जानकारी दिए शिलालेख तैयार कराया, जिससे विवाद की स्थिति बनी।
अब देखना यह होगा कि नगरपालिका प्रशासन इस शिकायत पर क्या रुख अपनाता है — क्या जांच कर पारदर्शिता बरती जाएगी या मामला लंबित रखकर ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।

जनता की उम्मीदें

स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करेगा, ताकि भविष्य में किसी भी वार्ड में इस तरह की असंवैधानिक प्रक्रियाओं की पुनरावृत्ति न हो।

रायगढ़ नगर पंचायत किरोड़ीमल नगर में यह मामला अब केवल एक शिलालेख का नहीं, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता और जनप्रतिनिधियों की अधिकारिक भागीदारी का प्रतीक बन गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!