रायगढ़ के लैलूंगा के ग्राम गमेकेला की महिला किसान गायत्री पैंकरा को  ‘फसल विविधीकरण चैंपियन अवॉर्ड’ मिलने पर
गाँव में हरषोउल्लास और बाजे गाजे के साथ किया गया स्वागत*

रायगढ़, छत्तीसगढ़ | 18 नवंबर 2025
गेमकेला गाँव की प्रगतिशील किसान गायत्री पैंकरा (35 वर्ष) को उनकी बहुफसली खेती, मिट्टी संरक्षण तकनीक और टिकाऊ कृषि मॉडल के लिए वर्ष 2025 का “फसल विविधीकरण चैंपियन अवॉर्ड” प्रदान किया गया है। अपने 3 एकड़ के आम बागान को केंद्र में रखकर विकसित एकीकृत खेती मॉडल ने उन्हें पूरे जिले में विशिष्ट पहचान दिलाई है।
प्रदान और सरकारी सन्स्थ सहयोग से विकसित वाड़ी
गायत्री पैंकरा की खेती का महत्वपूर्ण आधार उनकी विकसित की गई वाड़ी प्रणाली और फसल विविधिकरण जैविक खेती है जो की वाड़ी प्रोजेक्ट अंतर्गत नाबार्ड के आर्थिक सहयोग के तेहत प्रदान संस्था द्वारा कार्यकारी सन २०१४ में किया गया था । वर्ष 2022-23, मनरेगा (MGNREGA) के सहयोग से वाड़ी विकास कार्य अंतर्गत सहयोग मिला था । पौधरोपण, भूमि सुधार, मिट्टी संरक्षण और जैबिक फसल विविधिकरण —सफलतापूर्वक पूरे किए गए, जिससे उनकी खेती की गुणवत्ता और उत्पादकता में बड़ा सुधार हुआ।
बहुफसली खेती से सालभर आय
उन्होंने खरीफ, रबी और ज़ायद तीनों मौसमों में विविध फसलें उगाकर लगभग ₹3.4 लाख वार्षिक आय प्राप्त की है:
खरीफ: धान, मूंगफली, उड़द (आय ₹2.15 लाख)
रबी: आलू, मटर, फूलगोभी, पत्तेदार सब्जियाँ (आय ₹75,000)
ज़ायद: लोबिया, भिंडी, उड़द (आय ₹50,000)

मिट्टी स्वास्थ्य में सुधार
• प्राकृतिक नाइट्रोजन स्थिरीकरण
• गोबर खाद व कम्पोस्ट से जैविक पदार्थ वृद्धि
• मल्चिंग से नमी संरक्षण
• कवर क्रॉप से कटाव में कमी
वैज्ञानिक रिकॉर्ड-कीपिंग
• 10–20% उपज वृद्धि
• 20–30% पानी की बचत
• फसल तीव्रता 100% से बढ़कर 200%
किसान–से–किसान सीख
गायत्री पैंकरा अपने खेत पर नियमित रूप से फील्ड विजिट और प्रशिक्षण प्रदान संस्था के सहयोग से आयोजित कर अन्य किसानों को प्रेरित कर रही हैं।
विभागीय मान्यता
बागवानी विभाग ने उनके खेत को डेमोंस्ट्रेशन प्लॉट घोषित किया है। PRADAN संस्था द्वारा नामांकन व सत्यापन किया गया। DDM श्री एम. बारा और RAEO सुश्री कविता पैंकरा ने उनके मॉडल की सराहना की है।
निष्कर्ष
प्रदान, नाबार्ड, उद्यानिकी और MGNREGA बिभाग के सहयोग से समर्थित वाड़ी मॉडल और वैज्ञानिक बहुफसली खेती के जरिए गायत्री पैंकरा टिकाऊ कृषि का प्रेरक उदाहरण भारत में बन चुकी हैं।
अपने गृह ग्राम गमेकेला लौटने पर महिला किसान गायत्री पैंकरा का गमेकेला सरना चौक में सर्व प्रथम पूजा अर्चना कर बाजे गाजे के साथ गांव के युवा सरपंच  दिनेश भगत जी, उपसरपंच आशुतोष महंत जी सभी पंचगण एवं गणमान्य मुख्या के साथ ही प्रदान संस्था के अफसर द्वारा पुष्प गुच्छ भेंट करते हुए ग्रामवासियों द्वारा स्वागत किया गया।
महिला किसान गायत्री पैंकरा ने अपने नाम के साथ साथ गाँव का नाम भी रोशन किया है यह सम्मान एक ग्रामीण क्षेत्र की महिला को मिला यह पुरे लैलूंगा क्षेत्र के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है.

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