ग्राम सभा की बैठकों में ग्राम विकास की रूपरेखा और मुख्य एजेंडा बनाने के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाती है। इन बैठकों का उद्देश्य गांव के सभी योग्य नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित कर स्थानीय शासन और विकास को बढ़ावा देना है।


एंकर—ग्राम विकाश हेतु रूप रेखा बनाना और बैठक में  मुख्य एजेंडा बनाने जैसे कई विषयों पर हर ग्राम पंचायत में ग्राम सभा आयोजित की जाती है, जिसमें कोरम—आवश्यक सदस्य संख्या, बैठक का एजेंडा,ग्राम सभा के सदस्य,ग्राम सभा का सदस्य —सरपंच , और सदस्यों द्वारा बैठक के विषयों का निर्धारण किया जाता है पर बरमकेला जनपद के ग्राम पंचायत देवगांव में सरपंच सचिव की मनमानी इस कदर हावी हो गई है कि जिस तिथि को  ग्राम सभा आयोजित थी उस तिथि में फेरबदल करते हुए दो दिन बाद ग्राम सभा राखी गई पर  आश्चर्य की बात है कि सुबह के 10:30 बजे जब पंच और सदस्य पंचायत भवन पहुंचे तब सचिव बेदराम पटेल  सरपंच तपस्विनी पति सुरेश इजारदार चपरासी खुशीराम साहू ,ये चार व्यक्ति पंचायत में ताला बंद कर वापस जा रहे थे। पूछने पर सचिव ने बताया कि ग्राम सभा हो गई है और नहीं होगा। इस ग्राम में 20 पंच है उसमें से 18 की अनुपस्थिति में कैसे ग्राम सभा हो गई और इतनी क्या जल्दी थी कि सिर्फ चार व्यक्ति ही 15 मिनिट में ग्राम सभा समाप्त कर दिए। ग्रामीणों में यह कयास लगाए जा रहे है कि सरपंच द्वारा जो तालाब पर अवैध कब्जा किया गया है जिस पर शिकायत हुई थी । हो सकता है कि उस अवैध को वैध बनाने की कोशिश सिर्फ चार लोगों द्वारा मिलकर ग्राम सभा के द्वारा किया जा रहा है

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